हनुमान चालीसा का सार

श्री हनुमान जी · Chalisa
← हनुमान चालीसा पर वापस जाएँ

✨ हनुमान चालीसा का सार

अहंकार के बिना शक्ति।
अभिमान के बिना बुद्धि।
धर्म की सेवा में शक्ति का प्रयोग।
भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण भक्ति।
श्रद्धा, भक्ति, साहस और समर्पण की एक प्रिय अभिव्यक्ति।

हनुमान चालीसा

आगे पढ़ने के लिए कोई एक खंड चुनें।