बजरंग बाण के बारे में
📜 बजरंग बाण के बारे में
बजरंग बाण हनुमान जी की स्तुति में रचा गया एक भक्ति-स्तोत्र है, जिसकी रचना का श्रेय परंपरागत रूप से गोस्वामी तुलसीदास जी को दिया जाता है।
इसका नाम “बजरंग” और “बाण” शब्दों से बना है। “बजरंग” हनुमान जी का प्रसिद्ध नाम है, जिसका अर्थ है वज्र के समान दृढ़ अंगों वाला, और “बाण” का अर्थ तीर है। इस प्रकार यह स्तुति बजरंगबली के बाण के रूप में स्मरण की जाती है, जो हनुमान जी से रक्षा की प्रार्थना है।
इसमें एक दोहा, कई चौपाइयाँ और एक समापन दोहा है। इसकी पंक्तियाँ रामायण में वर्णित हनुमान जी के कार्यों, जैसे समुद्र-लंघन और लंका-दहन, का स्मरण कराती हैं और फिर भक्त को भय और कष्टों से बचाने की प्रार्थना करती हैं।
इसका पाठ परंपरागत रूप से हनुमान जी की रक्षा में श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति के रूप में किया जाता है, प्रायः हनुमान चालीसा के साथ।
बजरंग बाण
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